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भारत सैलरी कैलकुलेटर (नई vs पुरानी टैक्स रिजीम)

टैक्स वर्ष 2026-27 के लिए इनकम टैक्स, 4% सेस और EPF के बाद अपनी इन-हैंड सैलरी निकालें, और नई और पुरानी टैक्स रिजीम की तुलना करें। फ्री, कोई साइन-अप नहीं, और आप जो भी लिखते हैं वह हमारे सर्वर पर स्टोर नहीं होता।

पे पीरियड

रेट: टैक्स वर्ष 2026-27 के लिए आयकर विभाग के स्लैब और EPFO योगदान रेट · 5 नवंबर 2026 को जाँचा गया · सिर्फ़ अनुमान

इन-हैंड सैलरी₹ 0.00अपनी इन-हैंड सैलरी देखने के लिए अपनी सैलरी डालें।

अपनी इन-हैंड सैलरी कैसे निकालें

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अपनी सैलरी डालें

किसी भी कटौती से पहले की अपनी बेसिक सैलरी + DA और अन्य टैक्सेबल अलाउंस लिखें, मासिक या सालाना।

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अपनी रिजीम चुनें

नई या पुरानी टैक्स रिजीम चुनें, EPF कैसे कटता है यह चुनें और, पुरानी रिजीम के लिए, अपना आयु वर्ग और 80C निवेश डालें।

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अपनी इन-हैंड सैलरी देखें

अपनी टेक-होम सैलरी, स्लैब के हिसाब से टैक्स, रिबेट, सेस और एम्प्लॉयर EPF देखें, फिर पेस्लिप डाउनलोड करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

2026-27 के लिए नई रिजीम के टैक्स स्लैब क्या हैं?

नई रिजीम (डिफ़ॉल्ट) में ₹4 लाख तक की इनकम टैक्स-फ्री है, फिर ₹8 लाख तक 5%, ₹12 लाख तक 10%, ₹16 लाख तक 15%, ₹20 लाख तक 20%, ₹24 लाख तक 25% और उससे ऊपर 30%। सैलरीड लोगों को ₹75,000 का स्टैंडर्ड डिडक्शन मिलता है, और ₹60,000 तक के रिबेट (Section 87A) का मतलब है कि टैक्सेबल इनकम ₹12 लाख या उससे कम होने पर कोई टैक्स नहीं देना पड़ता, यानी ₹12.75 लाख तक की सैलरी पर कोई टैक्स नहीं। Budget 2026 ने टैक्स वर्ष 2026-27 के लिए यही स्लैब रखे हैं, जो Income-tax Act 2025 के तहत पहला वर्ष है।

मुझे नई रिजीम चुननी चाहिए या पुरानी?

पुरानी रिजीम में रेट ज़्यादा हैं (₹2.5 लाख के बाद 5%, 20% और 30%) लेकिन आप 80C निवेश (₹1.5 लाख तक, आपके EPF सहित), ₹50,000 का स्टैंडर्ड डिडक्शन, HRA और होम-लोन ब्याज जैसी कटौतियाँ क्लेम कर सकते हैं। नई रिजीम में रेट कम हैं और ₹75,000 का स्टैंडर्ड डिडक्शन है लेकिन लगभग कोई कटौती नहीं। अपनी सैलरी के लिए दोनों की तुलना करने के लिए टैक्स रिजीम विकल्प बदलें; यह कैलकुलेटर पुरानी रिजीम में सिर्फ़ 80C को गिनता है, इसलिए अगर आप HRA, 80D या होम-लोन ब्याज भी क्लेम करते हैं तो पुरानी रिजीम यहाँ दिखाए गए से बेहतर हो सकती है।

EPF कैसे निकाला जाता है?

आप और आपका एम्प्लॉयर दोनों आपकी बेसिक सैलरी + DA का 12% योगदान देते हैं। EPF वेज सीलिंग तक की सैलरी पर योगदान अनिवार्य है, जो 17 सितंबर 2026 से ₹15,000 से बढ़कर ₹25,000 प्रति माह हो गई है। कई एम्प्लॉयर इसकी जगह पूरी बेसिक सैलरी पर योगदान देते हैं, इसलिए वह विकल्प चुनें जो आपकी पेस्लिप से मेल खाता हो। एम्प्लॉयर के 12% का एक हिस्सा पेंशन स्कीम (EPS) में जाता है।

सरचार्ज और सेस क्या हैं?

आपके इनकम टैक्स पर 4% Health and Education Cess (स्वास्थ्य और शिक्षा सेस) जुड़ता है। अगर आपकी टैक्सेबल इनकम ₹50 लाख से ऊपर है तो सरचार्ज भी लगता है: ₹50 लाख से ऊपर 10%, ₹1 करोड़ से ऊपर 15% और ₹2 करोड़ से ऊपर 25% (₹5 करोड़ से ऊपर 37%, सिर्फ़ पुरानी रिजीम में)। मार्जिनल रिलीफ यह पक्का करता है कि सरचार्ज हर सीमा से ऊपर की इनकम से ज़्यादा न हो।

क्या यह आधिकारिक इनकम टैक्स कैलकुलेटर है?

नहीं। यह एक अनुमान है, आधिकारिक टैक्स सलाह नहीं। यह प्रकाशित स्लैब, रिबेट और EPF रेट इस्तेमाल करता है, लेकिन आपके एम्प्लॉयर का TDS, HRA और LTA जैसी छूट, प्रोफ़ेशनल टैक्स और अन्य कटौतियाँ आँकड़ा बदल सकती हैं। अपना Form 16 या पेस्लिप जाँचें, या incometax.gov.in पर आयकर विभाग (Income Tax Department) का अपना कैलकुलेटर इस्तेमाल करें।

क्या शामिल नहीं है?

प्रोफ़ेशनल टैक्स (यह आपके राज्य पर निर्भर है), HRA और LTA छूट, 80D, 80CCD और होम-लोन कटौतियाँ, एम्प्लॉयर का NPS योगदान, पर्क्विज़िट, EPF एडमिनिस्ट्रेशन और EDLI चार्ज, और कैपिटल गेन या अन्य इनकम पर टैक्स शामिल नहीं हैं। पूरे साल की सैलरी के लिए ₹25,000 की EPF सीलिंग इस्तेमाल होती है, हालाँकि 16 सितंबर 2026 तक यह ₹15,000 थी।